ip address in hindi आईपी एड्रेस क्या है यह क्यों प्रयोग किया जाता है ip कैसे छुपायें?

ip address in hindi, दोस्तों आज के समय में इंटरनेट का प्रयोग करोड़ों लोग रोजाना करते हैं, हो सकता है आपने कभी ना कभी इंटरनेट यूज करते समय ip address नाम के टेक टर्म के बारे में सुना होगा, इंटरनेट पर जितने भी लोग मौजूद हैं यह उन सभी के साथ जुड़ा होता है और उस करोड़ों की भीड़ में से हर व्यक्ति को अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
"हैलो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज हम बात करने जा रहे हैं आईपी एड्रेस के बारे में अब यह क्या है? और किस तरह से यूजर इसकी मदद से खुद का ऑनलाइन पता देख सकता है, खुद को ऑथेंटिकेट कर सकता है या अपनी आई पी एड्रेेेेस को बदल सकता है? उम्मीद करता हूँ आपको यह पसंद आएगा।

ip address in hindi आईपी एड्रेस क्या है यह क्यों प्रयोग किया जाता है अपनी ip कैसे छुपायें?-
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ip address in hindi आईपी एड्रेस क्या है?

जिस तरह से हम किसी न किसी जगह पर रह रहे होते हैं तो उस जगह के कोई न कोई एड्रेस जरूर होता है जो किसी के घर तक पहुंचा सकता है या किसी दिए गए एड्रेस के आधार पर वह पता कहां पर मौजूद है या आसानी से पता लगाया जा सकता है आईपी एड्रेस भी कुछ इसी तरह से काम करता है ip address का फुल फॉर्म इंटरनेट प्रोटोकोल एड्रेस (Internet Protocol Address) होता है और इसी प्रोटोकॉल की मदद से कोई व्यक्ति इंटरनेट पर कहां मौजूद है यह पता लगाया जा सकता है या यूं कहें कि जिस इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं आईपी ऐड्रेस आफ तक पहुंचने का पता होता है पूरी दुनिया में कई सौ करोड़ यूजर हैं इनमें से सभी की अलग-अलग होती है जो कि के लिए ही डिफाइन होती है।
आईपी एड्रेस अंको से मिलकर बना होता है और इसके बीच कोलन लगा होता है यह कुछ अंकों का नंबर मात्र होता है जिसकी मदद से हम अपना यूनिट एड्रेस देख पाते हैं, एक साधारण इंसान इसे देखकर कुछ भी नहीं समझ सकता है उसके लिए यह केवल नंबर मात्र होता है, जब तक की इन अंकों के बारे में न बताया जाय। ip address in hindi

आईपी एड्रेस का प्रयोग क्यों किया जाता है?-

आईपी एड्रेस इंटरनेट की दुनिया में बहुत ही ज्यादा जरूरी चीज है जैसा कि हमने पहले भी बात की है कि पूरी दुनिया में जितने भी लोग इंटरनेट पर मौजूद है या इसका उपयोग करते हैं उन सबकी आईपी अलग-अलग (अपने आप में यूनिक) होती हैं, जिस तरह से कोई चिट्ठी किसी व्यक्ति को भेजने के लिए उस व्यक्ति का किसी एड्रेस का होना जरूरी होता है ताकि उस पते पर उस चिठ्ठी को पहुंचाया जा सके, ठीक उसी तरह इंटरनेट डाटा के पैकेट ऑडियो, वीडियो, इमेज या टेक्स्ट के रूप में हमारे फोन तक लाने के लिए किसी ना किसी पहचान करने वाली वाले टेक्निक की जरूरत होती है और यही पर काम आता है आईपी एड्रेस का। ip address in hindi
जितनी भी वेबसाइट्स हैं वह सभी internet protocol के बेसिस पर ही काम करते हैं और उसको हम उसकी आई पी के मदद से भी ओपन कर सकते हैं, अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि हम इसका प्रयोग क्यों नहीं करते?
इस सवाल के लिए उदाहरण के तौर पर हम बात करते हैं फेसबुक की, हम सभी जानते है फ़ेसबुक का यूआरएल www.facebook.com होता है, और  इसकी ip address 69.63.176.13 है, इसे देखकर आप खुद समझ सकते है कि किसी वेबसाइट को उसके आईपी की अपेक्षा यूआरएल को याद करना सरल होता है, इसलिए उस आईपी को यूआरएल पर डोमेन नेम सर्वर की मदद से रीडायरेक्ट कर दिया जाता है जिसके बाद यूजर यूआरएल की मदद से वेबसाइट को ओपन कर सकता है।

आईपी एड्रेस कैसे पता करे?-

अपनी आईपी एड्रेस का पता करने के लिए आप किसी भी ब्राउज़र के सर्च बॉक्स में टाइप करें व्हाट इज माय आईपी एड्रेस (what is my ip-address) इसके बाद सच रिजल्ट में आपको खुद का यूनिक इंटरनेट प्रोटोकोल एड्रेस लिखा हुआ मिल जाएगा रिजल्ट में यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि एक ही वाईफाई लेटेस्ट से जुड़े सभी
डिवाइसेज जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर और टेबलेट इत्यादि में वाईफाई नेटवर्क से जुड़े सभी डिवाइसेज की आईपी समान होती है क्योंकि इंटरनेट जिस स्रोत या ब्रॉडबैंड कनेक्शन से मिल रही होती हैं उसकी एक ही ip-address होता है जो कि उसके साथ कनेक्टेड सभी डिवाइसेज में देखने को मिलता है।
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क्या आई पी एड्रेस की मदद से किसी की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है?-

फिल्मों में हम कई बार देखते हैं कि पुलिस बड़ी आसानी से क्रिमिनल की लाइव लोकेशन आसानी से पता कर लेते हैं, लेकिन सच्चाई की बात करें तो यह एक आम आदमी के द्वारा ऐसा कर पाना संभव नहीं है, हालांकि कुछ ऐसे टूल्स और वेबसाइट है जो थोड़ी बहुत जानकारी आई पी की मदद से निकाल कर देती है लेकिन वह किसी के घर के एड्रेस के लिए सटीक नहीं होता।
किसी कंपनी के सर्वर पर यूजर की जो भी इंफॉर्मेशन डेटा मौजूद है, क्योंकि गवर्नमेंट ऑफिसियल के द्वारा उस डाटा सिस्टम को एक्सेस किया जा सकता है, इसलिए बड़ी आसानी से यूजर किसी की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगा पाते हैं।

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आईपी एड्रेस कितने प्रकार का होता है?-

इंटरनेट प्रोटोकोल एड्रेस दो प्रकार का होता है-
  1. डायनामिक आई पी- आम तौर पर हम जो भी स्मार्टफोन या राउटर यूज करते हैं उसमें हमें डायनेमिक आईपी देखने को मिलते हैं जो कि पावर ऑफ होने रिबूट होने पर बदल जाते हैं और दूसरा होता है
  2. स्टैटिक आई पी- जो कि हमेशा एक ही रहता है।

आईपी ऐड्रेस कैसे हाईड करें?-

VPN की मदद से बड़ी ही आसानी से ip-address को हाईड किया जा सकता है, VPN एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (Vartual Private Network) होता है जिसके साथ कनेक्ट होने पर या आपकी आई पी को हाइड करके एक वर्चुअल आईडी कुछ समय (जब तक आप उस वीपीएन से कनेक्ट हैं) तक के लिए एक्टिव कर देता है, यह वह वर्चुअल आई पी जिस कंट्री का आप चाहे ले सकते हैं, कनेक्ट होने के बाद आपका फोन इंटरनेट पर वर्चुअल रूप से उस देश में मौजूद होता है, VPN की मदद से किसी भी ब्लॉक वेबसाइट को ओपन किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर हम मान लेते हैं कोई वेबसाइट जो कि इंडिया में रहने वाले यूजर के लिए ब्लॉक की गई है और USA में मौजूद कोई भी व्यक्ति से ओपन कर सकता है, तो जब भी आप VPN की मदद से USA के सवर के साथ कनेक्ट करते हैं तो यह आपकी ओरिजिनल आईपी को हाइड करके एक वर्चुअल आईपी सेट कर देता है, और आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को लगता है कि वह व्यक्ति USA में मौजूद है और फिर आप बड़ी आसानी के साथ उस यूएस वाली वेबसाइट को ओपन कर सकते हैं।
वीपीएन यूज करने का यह अर्थ नहीं होता है कि कोई आपकी असली लोकेशन को ट्रैक नहीं कर पाएगा, इसका प्रयोग केवल पर्सनल यूज़ के लिए करें तो ही अच्छा है इससे ऐसा कोई भी काम ना करें जिसके लिए आपको नुकसान उठाना पड़े, ऊपर दी गई जानकारी आपके एजुकेशन पर्पस के लिए है कृपया इसका कोई भी मिस यूज ना करें। ip address in hindi

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