Vivo Apex पहला स्मार्टफोन जिसमें नहीं है कोई भी बटन, चार्जिंग और हैडफ़ोन पोर्ट-

Vivo Apex, क्या आप एक ऐसे smartphone को खरीदना पसंद करेंगे जिसमें कोई अलग से एसेसरी को कनेक्ट करने का कोई ऑप्शन ही ना हो, आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे phone के बारे में जिसमें बाहर से कनेक्ट करने के लिए आपको कोई ऑप्शन ही नहीं मिलता है और यह काफी कमाल की टेक्नोलॉजी आने वाले समय में दिखने वाली है।
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Vivo Apex पहला स्मार्टफोन जिसमें नहीं है कोई बटन, चार्जिंग और हैडफ़ोन पोर्ट-

आज से एक दशक पहले तक के स्मार्टफोन में मिलने वाले फीचर्स काफी कम हुआ करते थे साथ ही बहुत सारे पोर्ट्स भी देखने को मिलते थे जिसमें कोई भी पोर्ट किसी स्पेसिफिक work के लिए ही यूज किया जाता था, जैसे- चार्जिंग पोर्ट की हेल्प से केवल चार्जिंग करने का ही काम लिया जा सकता था और माइक्रो यूएसबी पोर्ट की help से केवल data ट्रांसफर किया जा सकता था और साथ में एक हेडफोन जैक भी जरूर होता है।
धीरे-धीरे phone को और slim बनाने की जरूरत पड़ने लगी जिसके बाद माइक्रो USB में ही चार्जिंग और डाटा ट्रांसफर करने का ऑप्शन मिलने लगा जिससे पहले की तुलना में हमें कम एसेसरी की जरूरत पड़ने लगी, इस समस्या को थोड़ा सॉल्व कर लिया गया लेकिन 3.5 MM ऑडियो हेडफोन जैक की वजह से स्मार्टफोन को और पतला करना संभव नहीं था, दूसरा माइक्रो USB में मिलने वाली data ट्रांसफर की स्पीड काफी कम थी।
इसके बाद नंबर आता है यूएसबी type C पोर्ट का जिसकी मदद से स्मार्टफोन को और पतला बनाना संभव हो गया क्योंकि यूएसबी type C में चार्जिंग, डाटा ट्रांसफर और हैडफ़ोन जैक तीनों फीचर एक ही पोर्ट में मिलना संभव हो गया साथ ही इसकी स्पीड भी माइक्रो USB की तुलना में काफी अधिक थी।
फ़ोन को पतला बनाने में पोर्ट्स के अलावा बैटरी, डिस्प्ले, मदरबोर्ड और दूसरे कंपोनेंट भी मायने रखते है। हमने ऊपर इन चीजों के बारे में इसलिए बात की है फोन को और slim और स्टाइलिश बनाने के लिए हमारी टेक्नोलॉजी और एक कदम aage बढ़ गयी है और वह है फोन में मौजूद इन सभी पोर्ट्स को ही हटा देना।
इस काम को हाल ही में Vivo ने अपने नए प्रोटोटाइप स्मार्टफोन Vivo Apex के अंदर शोकेस किया जिसमें यह दिखाने की कोशिश की है कि आने वाले समय में यह smartphone रियल में देखने को मिल सकता है।
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Vivo Apex 2019-

जैसा कि हम पहले बात कर चुके हैं कि इस फोन के साथ कोई भी फिजिकल बटन या पोर्ट नहीं नजर आने वाला है, सबसे पहले बात करते हैं राइट साइड में दिए गए volume और power बटन की तो यहां पर सारे बटन मौजूद रहेंगे लेकिन इनकी जगह पर टच स्क्रीन दी गई है, चार्जिंग के लिए फोन में वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट हो सकता है देखने को मिले साथ ही पीछे की तरफ इस फोन में दिए गए docking पिन की मदद से Inductive charging का सपोर्ट दिया गया है, इस फोन में केवल यही एक पोर्ट है जिससे किसी बाहरी(external) उकरण को कनेक्ट किया जा सकता है।
इसमें हेडफोन jack भी नहीं मिलता तो इसके लिए वायरलेस हेडफोन यूज़ करना होगा, इसके बाद नंबर आता है speaker का तो इसमें कोई भी स्पीकर ग्रिल नहीं दिया गया है बल्कि इसको डिस्प्ले के अंदर ही इस तरह से फिट किया गया है कि स्क्रीन के वाइब्रेट karne पर बाहर आवाज निकलती है।
सिक्योरिटी के लिए इसमें in display फिंगरप्रिंट सेंसर का सपोर्ट दिया गया है एक खास बात यह है कि पूरे डिस्प्ले के अंदर ही फिंगरप्रिंट सेंसर को इनबिल्ट किया गया है जिससे screen पर कहीं भी click करके फोन को unlock कर सकते है और इसका स्क्रीन टू बॉडी रेश्यो काफी ज्यादा है जिसमें बहुत ही पतली पतली बेजल और chin देखने को मिलती है, जिसके कारण सामने की तरफ पूरी डिस्प्ले ही दिखती है।
अन्य चीजें जैसे बैटरी तो पहले से स्मार्टफोन में nonremovable आती रही है इसके साथ भी वही पावर सिस्टम दिया गया है, तो कुल मिलाकर यह भविष्य का स्मार्टफोन होने वाला है हालांकि अभी यह देखने में उतना अच्छा न lage जितना कि इसको हम सोच रहे है लेकिन आने वाले samay में यह बहुत ही बेहतर हो सकता है।

इस तरह के फ़ोन्स के फायदे और नुकसान-

1. thikness कम की जा सकती है इसके बारे में हमने तो पहले भी बात की है बिना kisi बटन या पोर्ट की वजह से इसे ज्यादा स्लिम किया जा सकता है।

2. kisi भी प्रकार के पोर्ट के ना होने की वजह से इसको पूरी tarah वाटरप्रूफ बनाया जा सकता है, हालांकि अभी भी जितने फ्लैगशिप लेवल के स्मार्टफोन है उनमें IP68 लेवल तक की वाटरप्रूफिंग मिलती है, लेकिन अधिक गहरे पानी में इनमें भी पानी जाने की सम्भावना रहती है।

3. जबतक phone की वारंटी होती है तो हमें उन चीजों के ख़राब होने के बाद रिपेयर होने पर कोई खर्च नहीं देना hota है जो कि उस कंपनी के द्वारा वारंटी या गारंटी में कवर किया जाता है, लेकिन वारंटी के खत्म होने के बाद kaafi पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
इस तरह के phone के saath एक बड़ी problem यह होने वाला है कि किसी भी पार्ट के खराब होने पर पूरी यूनिट को बदलना पड़ सकता है, जैसा की डिस्प्ले और टच(डिजिटाइजर) के साथ होता है यदि इन दोनों में से कोई भी खराब होता है तो poora फ़ोल्डर ही बदलना पड़ता है जिसके लिए ना चाहते हुए भी हमें अधिक पैसे खर्च करने पड़ जाते हैं, लेकिन कुछ कैसेज में ऐसा नहीं होता, खासकर iphone जैसी devices के साथ।
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4. हेडफोन जैक के ना होने पर हमेशा वायरलेस हेडफोन को यूज करना होगा हालांकि, यह कुछ लोगों के लिए अच्छा है तो कुछ लोगों को यह ख़राब लगता है।

तो dosto यह स्मार्टफोन आपको कैसा लगा और क्या आप इंटरेस्टेड है इस स्मार्टफोन को लेकर हमें बताएं नीचे कमेंट में और aapke हिसाब से इस स्मार्टफोन में और क्या-क्या फीचर्स होने चाहिए जो अभी तक नहीं है, आप अपने सवाल या सुझाव जरूर लिखें comment में।

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