Custom UI स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में कस्टम यूआई क्या होता है?-

Custom UI फोन यूज करते समय खासतौर से एंड्रॉयड स्मार्टफोन में आपने अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन में अलग-अलग आइकन और मेनू, और सारे सिस्टम्स देखे होंगे, लेकिन वह सारे एंड्राइड smartphone ही होते है और उनमे मौजूद सिस्टम सॉफ्टवेयर एक ही compny के द्वारा प्रोवाइड किए जाते हैं, फिर भी वे एक दूसरे से इतना अलग क्यों होते हैं? हो सकता है आपके मन में यह question कभी न कभी आया हो कि आखिर ऐसा क्यों होता है?-
custom-ui

Custom UI स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में कस्टम यूआई क्या होता है?-

एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम, smartphone में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है, एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम UI जो भी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर अपने फोन मे कस्टमर को देते है, यह ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर गूगल उस compny को प्रोवाइड कराता है, स्मार्टफोन मैन्युफैक्चर जब इसे ठीक उसी रूप में अपने फोन में देते हैं, जिस रूप में यह आता है, तो इसे स्टॉक android या प्योर android भी करते हैं, इसमें आपको सारी फीचर्स बिल्कुल उसी तरह देखने को मिलते हैं जिस तरह गूगल देता है।
वहीं दूसरी तरफ़ Custom UI की बात करते जो भी स्मार्टफोन कंपनी गूगल की तरफ से आने वाले इस ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर को अपने हिसाब से एडिट या कस्टमाइज करके अपने फोन में देते हैं वह Custom UI होता है।

1. डिजाइन और लुक-

Custom UI में आपको काफी अच्छे डिजाइन देखने को मिलते हैं, जो कि इसमें कंपनी अपने हिसाब से एडिट करके उसको अपने हिसाब से अच्छा बना कर कस्टमर को देने की कोशिश करती हैं, जिस पर उनका पूरा कंट्रोल होता है यही कारण है कि Xiaomi जैसी कंपनी के स्मार्टफोंस में थीम का प्रयोग करके आपको अपने हिसाब से डिजाइन को चेंज करने का ऑप्शन मिलता है।
यदि आपने नोकिया के पुराने स्मार्टफोन या मल्टीमीडिया फोन को यूज किया होगा तो आपको यह थीम वाला फीचर उसमें जरूर मिलता होगा, लेकिन यह nokia का खुद का बनाया symbian ऑपरेटिंग सिस्टम हुआ करता था|

2. परफारमेंस ऑप्टिमाइजेशन-

Custom UI में परफॉर्मेंस की बात करें तो इसमें काफी रैम यूज़ होती है, और साथ में यदि छोटे-छोटे एनिमेशन भी हो तो यह और भी काफी हैवी हो जाता है, जिसके कारण इसमें optimization काफी अच्छे से करना पड़ता है और साथ में RAM मैनेजमेंट का भी बहुत खास ध्यान रखना पड़ता है, ताकि यह फोन पर अच्छे से वर्क करें नहीं तो कई बार फोन जल्दी ही Lag करने लगता है, ऑप्टिमाइजेशन के मामले में स्मार्टफोन की बात करें तो आज के समय मे कंपनियां इसका बहुत खास ख्याल रखती है, फिर चाहे इनके आने वाले midrange के स्मार्टफोन हो या flagship ग्रेड के।

3. अवेलेबिलिटी-

अवेलेबिलिटी की बात करें तो इस लिस्ट में बहुत सारी कंपनियां है, जो कि अपने स्मार्टफोन में Custom UI प्रोवाइड कराती है, जिसमें-
Oppo- Funtouch OS
Vivo- Color OS
Xiaomi- MI UI
Samsumg- Touch Wiz and new One UI 
Huawei- EMUI
Oneplus- Oxigen OS
अभी हाल ही में samsung ने अपने नए कस्टम यूआई one UI को लाने घोषणा की है, इसका बीटा वर्जन लोंगो को यूज़ करने के लिए दिया भी जा रहा है, ज्यादा जानने के लिए क्लिक करें-
इसके अलावा और कई सारी कंपनियां जैसे micromax, carbon, lava, nubia, infocus, lemon, YU, जैसी कंपनियां है, जो अपना थोड़े बहुत यू आई कस्टमाइजेशन के साथ अपने प्रोडक्ट लाती है।
custom-ui


यह भी पढ़ें-

how meny types of Search Engine list on internet इंटरनेट पर कितने सर्च इंजन मौजूद है

अब अपने phone से ही प्लेटफ़ॉर्म ticket और लोकल ट्रेन ticket को बुक करें बिल्कुल आसानी से क्लिक करें-

4. फीचर्स के साथ साथ price भी बढ़ती है-

जब भी अभी smartphone लेते हैं तो आपको जितने भी अधिक फीचर और फ्लैक्सिबिलिटी चाहिए होता है, उतना ही अधिक पैसे लगते हैं, कोई भी कंपनी अपने फोन में स्टॉक एंड्राइड देती है तो वह गूगल से Android को लेकर अपने फ़ोन में इनस्टॉल करके देती इसलिए उसे गूगल को सिर्फ उसी सॉफ्टवेयर के पैसे देने पड़ते हैं, लेकिन जब उसी सॉफ्टवेयर को कोई कंपनी अपने फोन में कस्टमाइज करके देती है तो उसे गूगल को पैसे देने होते ही हैं, साथ में भारी भरकम राशि सॉफ्टवेयर को कस्टमाइजेशन और बिल्डअप करने में लगता है।
यही कारण है कि बिल्कुल बजट रेंज के smartphones में यह कम देखने को मिलता है और यदि मिलता भी है तो यह अधिक features के साथ नहीं आता, इसलिए कंपनियां अपने पैसे बचाने और स्मार्टफोन की price को कम से कम रखने के लिए, स्टॉक एंड्राइड देती है।

 5. Custom UI के फायदे और नुक्सान-

कस्टम UI में कम्पनी के पास बहुत सारा option होता है की वह कितने अधिक फीचर्स अपने फ़ोन में दे सकता है, जिसका एक बहुत बड़ा फायदा यह है कि जो चीजें गूगल के एंड्राइड में नहीं है इसके साथ अलग से जोड़कर दिया जा सकता है, अलग से अपने प्रोडक्ट्स में वैल्यू को ऐड करना एक अच्छी कम्पनी की निशानी मानी जाती है, हालाँकि ये जो भी extra फीचर्स है वो सॉफ्टवेयर level पर ही किये जा सकते है हार्डवेयर लेवल पर करने के लिए अलग से हार्डवेयर को ऐड करना होगा|
इसके कई सारे फायदे लेकिन कुछ कमियां भी है जैसे- price का बढ़ जाना, इसे कमी कहना ज्यादा उचित नहीं होगा क्योंकि किसी भी स्मार्टफोन में कस्टम सॉफ्टवेयर देने के लिए इसे buildup करने में कंपनियों को काफी सारा पैसा खर्च करना पड़ता है, जिसको वह उस फोन की कीमत के साथ ऐड कर देती है, लेकिन यह पूरी तरह सच भी नहीं है क्योंकि xiaomi जैसी कंपनियां बजट फ़ोन जैसी कम कीमत में भी  Custom UI देती है|
दूसरा इसमें RAM मैनेजमेंट का भी काफी ख्याल रखना पड़ता है, ताकि फोन अच्छे से Work करे इसलिए इस प्रॉब्लम को ख़त्म करने के लिए अधिक रैम देना पड़ता है, जो की फ़ोन के Price को बढ़ा देता है|

Post a Comment

0 Comments